बॉलीवुड में aamir khan को मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहा जाता है, लेकिन उनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे कम बजट में भी जबरदस्त मुनाफा कमाने वाली फिल्में बनाते हैं। उनकी फिल्मों की स्क्रिप्ट, मार्केटिंग स्ट्रेटेजी और परफॉर्मेंस इतनी दमदार होती है कि लागत कम होने के बावजूद ये बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई करती हैं। हॉलीवुड और बॉलीवुड में कई फिल्ममेकर हैं जो इस फॉर्मूले को अपनाते हैं, लेकिन आमिर खान की रणनीति उन्हें सबसे अलग बनाती है। आखिर उनकी फिल्मों की सफलता का राज क्या है? आइए, इसे विस्तार से समझते हैं।
1. दमदार स्क्रिप्ट और कंटेंट पर फोकस
आमिर खान अपनी फिल्मों की स्क्रिप्ट पर सबसे ज्यादा ध्यान देते हैं। वे सिर्फ वही फिल्में साइन करते हैं जिनकी कहानी दमदार और यूनिक होती है। उदाहरण के लिए, तारे ज़मीन पर, दंगल और 3 इडियट्स जैसी फिल्में कंटेंट-बेस्ड थीं, जो दर्शकों के दिल को छू गईं। ये फिल्में भारी वीएफएक्स या बड़े स्टारकास्ट पर निर्भर नहीं थीं, बल्कि अपनी दमदार कहानी और इमोशनल कनेक्शन के कारण सुपरहिट हुईं।
2. बजट कंट्रोल और स्मार्ट प्रोडक्शन
आमिर खान हमेशा अपनी फिल्मों के बजट को कंट्रोल में रखते हैं। वे महंगे सेट और फालतू खर्चों से बचते हैं और फिल्म की शूटिंग वास्तविक लोकेशंस पर करना पसंद करते हैं। दंगल जैसी फिल्म में उन्होंने सिर्फ पहलवानी और हरियाणवी कल्चर को असली लोकेशंस पर फिल्माकर लागत कम की और फिल्म को नेचुरल लुक दिया।
- मार्केटिंग में क्रिएटिविटी
उनकी फिल्मों की मार्केटिंग अलग लेवल पर होती है। वे पारंपरिक प्रचार से ज्यादा सोशल मीडिया, वायरल कंटेंट और इंटेलिजेंट कैंपेन पर ध्यान देते हैं। गजनी की रिलीज़ से पहले उन्होंने सलून वालों से अपने किरदार का हेयरकट रखने को कहा, जिससे फिल्म का प्रमोशन खुद-ब-खुद हो गया। इसी तरह 3 इडियट्स के प्रमोशन के दौरान वे बिना बताए अलग-अलग जगहों पर घूमे, जिससे लोगों में फिल्म को लेकर और ज्यादा एक्साइटमेंट बढ़ा।
4. कम फीस, ज्यादा प्रॉफिट शेयरिंग
आमिर खान अपनी फीस बहुत कम रखते हैं या कभी-कभी लेते ही नहीं हैं। वे फिल्म के कुल मुनाफे में से एक प्रतिशत हिस्सा लेते हैं। इससे प्रोडक्शन कॉस्ट कम रहती है और अगर फिल्म हिट हो जाती है तो वे करोड़ों में कमाई कर लेते हैं। दंगल जैसी फिल्मों से वे सैलरी से ज्यादा मुनाफे से पैसा कमाते हैं।
क्या हॉलीवुड और बॉलीवुड में और भी ऐसे फिल्ममेकर हैं
हॉलीवुड में भी ऐसे डायरेक्टर्स और एक्टर्स हैं जो आमिर खान जैसी स्ट्रेटेजी अपनाते हैं। उदाहरण के लिए, क्रिस्टोफर नोलन और ब्लमहाउस प्रोडक्शंस कम बजट में बेहतरीन फिल्में बनाकर ज्यादा मुनाफा कमाते हैं। जेसन ब्लम की प्रोडक्शन कंपनी पैरानॉर्मल एक्टिविटी जैसी फिल्मों से करोड़ों का मुनाफा कमा चुकी है, जबकि इनकी लागत बेहद कम थी। नोलन भी अपनी फिल्मों में स्टोरी और इंटेलिजेंट डायरेक्शन पर फोकस करते हैं, जिससे प्रोडक्शन कॉस्ट कम रहती है।
बॉलीवुड में राजकुमार हिरानी, अनुराग कश्यप, और नीरज पांडे भी कंटेंट-बेस्ड फिल्में बनाते हैं और बड़े बजट से बचते हैं। लेकिन आमिर खान की स्क्रिप्ट चॉइस, स्मार्ट बजटिंग और मार्केटिंग टैक्टिक्स उन्हें सबसे अलग और सफल बनाती हैं।
आमिर खान सिर्फ एक एक्टर नहीं, बल्कि मास्टर बिजनेसमैन भी हैं। वे फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे फॉर्मूले अपनाते हैं, जिससे कम लागत में भी फिल्मों को ब्लॉकबस्टर बनाया जा सकता है। उनकी प्लानिंग, मार्केटिंग और स्क्रिप्ट सिलेक्शन इतनी शानदार होती है कि फिल्में खुद-ब-खुद सुपरहिट हो जाती हैं। यही कारण है कि वे हर बार कुछ नया और जबरदस्त लेकर आते हैं, जिससे दर्शकों को एंटरटेनमेंट के साथ-साथ सीखने को भी मिलता है।
अगर कोई बॉलीवुड या हॉलीवुड में कम बजट में हिट फिल्में बनाने की राह पर चलना चाहता है, तो उसे आमिर खान से सीखना चाहिए!